Sunday, August 3, 2014

TEACHER ELIGBILITY TEST FOR LECTURERS टीईटी की वैधानिकता पर खड़े हुए सवाल

आरजीपीवी : टीईटी की वैधानिकता पर खड़े हुए सवाल
-अगले महीने परीक्षा आयोजित करने की है तैयारी


TEACHER ELIGBILITY TEST FOR LECTURERS


भोपाल : राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) अगले महीने टीईटी (टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट) आयोजित करेगा। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को प्राइवेट इंजीनियरिंग संस्थानों में बतौर फैकल्टी रखा जाएगा लेकिन आरजीपीवी ने इस राज्यस्तरीय टेस्ट को कराने के लिए न तो शासन की मंजूरी ली और न राज्यपाल (कुलाधिपति) की। इसके अलावा प्राइवेट संस्थानों में फैकल्टी की भर्ती के लिए ऐसे टेस्ट कराने का कोई प्रावधान आरजीपीवी के एक्ट में भी नहीं है।

आरजीपीवी प्राइवेट इंजीनियरिंग संस्थानों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने की बात कहकर टीईटी कराने जा रहा है। इस टेस्ट में जो सफल होगा उसे प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों को फैकल्टी चयन के दौरान प्राथमिकता देनी होगी। टीईटी में शामिल होने के लिए आरजीपीवी प्रशासन ने कुछ को छूट भी दे रखी है। इनमें यूजीसी नेट और सात साइंस साइटेशन इंडेक्स (एससीआई) जर्नल प्रकाशित करने वाले शामिल हैं। इसके अलावा उन फैकल्टी को भी इस टेस्ट में शामिल होने से छूट दी गई है जिनकी नियुक्ति कोड-28 के तहत की गई है।

कोड-28 के तहत नियुक्ति का है प्रावधान

प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों से संबद्घ प्राइवेट संस्थानों में फैकल्टी की नियुक्ति कोड-28 के तहत करने का प्रावधान विश्वविद्यालय एक्ट में है। इसके बावजूद आरजीपीवी प्रशासन मनमाने तरीके से टीईटी कराने जा रहा है। कोड-28 के तहत विश्वविद्यालय का एक्सपर्ट पैनल इंटरव्यू के आधार पर प्राइवेट संस्थानों में फैकल्टी और प्रिंसिपल की नियुक्ति करता है।

कुलपति ने साधी चुप्पी

इस बारे में कुलपति प्रो पीयूष त्रिवेदी से संपर्क करने का बार-बार प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने इस बारे में अपनी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी। गौरतलब है कि प्रो त्रिवेदी ने ही टीईटी कराने का प्रस्ताव ईसी को दिया था।

इनका कहना है

बिना अनुमति नहीं हो सकती परीक्षा

विश्वविद्यालय को इस तरह की परीक्षा कराने से पहले राज्यपाल (कुलाधिपति) और राज्य शासन की अनुमति लेना चाहिए था। सिर्फ ईसी की मंजूरी के आधार ऐसी परीक्षा कराना गलत है। ऐसे में तो आरजीपीवी प्रशासन कोई भी नियम बनाकर मनमाने तरीके से लागू करता रहेगा।

अरुण गुर्टृ, शिक्षाविद्

ईसी की ली थी मंजूरी

परीक्षा कराने के पहले ईसी की मंजूरी ले ली गई थी। प्रशासन का काम ईसी में हुए निर्णयों का क्रियान्वयन कराना है।

एकेएस भदौरिया, रजिस्ट्रार, आरजीपीवी
News Sabhaar : jagran.com (3.8.14)


No comments:

Post a Comment