Friday, April 11, 2014

RTE : शिक्षकों की कमी पर केंद्र व राज्यों को नोटिस

RTE : शिक्षकों की कमी पर केंद्र व राज्यों को नोटिस

Tags :
UPTET  / टीईटी / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News/  RTE  / RIGHT TO EDUCATION ACT


याचिकाकर्ता ने लगाया है शिक्षा का अधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप 

नई दिल्ली (ब्यूरो)। देशभर के स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के उल्लंघन के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र व सभी राज्य सरकारों से जवाब तलब किया। सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका में इस कानून पर सही तरीके से अमल कराने के लिए सरकारों को निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र, राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर ग्रीष्मावकाश के बाद जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका नेशनल कोलीशन फॉर एजुकेशन संगठन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि संसाधनों की कमी और आरटीई के प्रावधानों को लागू करने में विफलता के कारण शिक्षा के क्षेत्र में काफी गिरावट आई है। पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाविस ने सभी राज्यों को छह महीने के भीतर दूर-दराज के इलाकों का अध्ययन करने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह प्रक्रि या पूरी होने के बाद छह महीने के लिए नये स्कूलों का निर्माण होना चाहिए।


News Source / Sabhaar : Amar Ujala (12.04.2014)

Saturday, March 15, 2014

Downloading of OMR Sheet for CTET February 2014 Examination http://ctet.nic.in

Downloading of OMR Sheet for CTET February 2014 Examination http://ctet.nic.in 

टीईटी / CTET  / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News


To Download your CTET Answered OMR Carbon Copy, Please click on following link - http://122.180.127.140/2014/ctetomr/default.aspx



Wednesday, September 18, 2013

MPTET : संविदा शिक्षक भर्ती में पूरे मध्यप्रदेश में हंगामा, नियम ही समझ नहीं आ रहे


MPTET : संविदा शिक्षक भर्ती में पूरे मध्यप्रदेश में हंगामा, नियम ही समझ नहीं आ रहे

भोपाल। संविदा शिक्षक भर्ती की दूसरी प्रक्रिया में अधिकारियों की मनमानी और नियमों के अस्पष्ट होने के कारण पूरे प्रदेश में हंगामे हो रहे हैं। मध्यप्रदेश का शायद ही कोई जिला हो जहां हंगामा ना हुआ हो।

भोपाल के अलावा इन्दौर सहित लगभग सभी जिलों से हंगामे और प्रदर्शनों की खबरें आ रहीं हैं। संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन भी इस भर्ती के दौरान दिखाई नहीं दे रहा है। मध्यप्रदेश के हर जिले में अस्पष्ट भर्ती नियमों के चलते विरोध हो रहा है।

इंदौर में जिला शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र (डाइट) में संविदा शाला शिक्षक भर्ती के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करवाने आए आवेदकों ने मंगलवार को हंगामा किया। कारण, शिक्षा विभाग सिर्फ बीएड, डीएड योग्यताधारकों का ही वेरिफिकेशन कर रहा था जबकि ज्यादातर आवेदकों के पास ये योग्यताएं नहीं थीं। इससे गुस्साए आवेदकों का कहना था कि जब सिर्फ बीएड, डीएड वालों को ही नौकरी देना थी तो हमारी परीक्षा क्यों ली? मौके पर पहुंची पुलिस ने आवेदकों को समझाकर रवाना किया।

संविदा शिक्षक-एक, दो और तीन की भर्ती के लिए पांच महीने बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का दूसरा चरण मंगलवार से शुरू हुआ। जब नॉन डीएड आवेदकों के वेरिफिकेशन से शिक्षा विभाग की टीम ने इनकार कर दिया तो वे नाराज हो गए। नाराज नॉन डीएड, बीएड आवेदकों ने जिला शिक्षाधिकारी संजय गोयल को कॉल लगाया। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया आवेदक जनसुनवाई में पहुंच गए और प्रशासनिक संकुल के बाहर जमकर नारेबाजी की।

परेशान कर दिया, हमारे रुपए वापस दो
आवेदक वर्षा पटेरिया का कहना था कि अब दूसरा चरण है तो नॉन डीएड-बीएड आवेदकों का भी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करना चाहिए। हमने अच्छे नंबरों से परीक्षा पास की लेकिन लगातार परेशान हो रहे हैं। इसी तरह आवेदक ज्योति तिवारी ने कहा कि संविदा शिक्षक भर्ती के नाम पर आवेदकों को परेशान किया जा रहा है। सभी आवेदकों ने परीक्षा में जो रुपए भरे थे वह वापस दिए जाना चाहिए।

आवेदकों को समझाया लेकिन नहीं माने
पहले चरण में अप्रैल में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ था। अब दूसरा चरण उन लोगों के लिए है जिन्होंने डीएड-बीएड का फॉर्म भरा था, लेकिन रिजल्ट नहीं आया था। अब रिजल्ट आ चुके हैं इसलिए मंगलवार से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शुरू हुआ। सिर्फ उन्हीं के वेरिफिकेशन हो रहे हैं जो भर्ती परीक्षा पास हैं और डीएड या बीएड किया है। हालांकि ज्यादातर वे लोग वेरिफिकेशन के लिए आए जिन्होंने परीक्षा पास की थी लेकिन डीएड या बीएड नहीं हैं। उन्हें समझाया लेकिन वे नहीं माने।
-संजय गोयल, जिला शिक्षाधिकारी, इन्दौर

डीएड या बीएड हैं तो ही वेरिफिकेशन
-संविदा शिक्षक वर्ग-1 : बीएड अनिवार्य
-संविदा शिक्षक वर्ग-2 : बीएड या डीएड
-संविदा शिक्षक वर्ग-3 : डीएड अनिवार्य


News Sabhaar : Facebook


Saturday, July 20, 2013

RTE : शिक्षकों के लिए बेहतरीन लेख



RTE : शिक्षकों के लिए  बेहतरीन लेख 


बस स्टॉप पर एक बच्चा रो-रो कर कह रहा था, ममी मुझे स्कूल नहीं जाना। रोते-रोते वह उलटी करने लगा। मैंने उसकी मां से पूछा, इतना क्यों रो रहा है? 
उनका जवाब था, यह इसका रोज का नाटक है। स्कूल नहीं जाएगा तो कब तक मेरे पास रहेगा? 

मैंने सुझाया, नहीं, आप इससे धीरे-धीरे बहला-फुसला कर कारण पूछिए।
दो-चार दिनों के बाद जब वह महिला मिली, तो जो सुनाया, वह चौंकाने वाला था। बच्चे ने उन्हें बताया था कि उसकी मैडम होमवर्क नहीं करके लाने पर धमकी देती थीं कि मैं तुम्हें चूहा बना दूंगी। फिर एक अलमारी के पास ले जाकर रूई भरे चूहे दिखातीं और कहतीं, देखो काम न करने वाले बच्चों को मैंने चूहा बना कर रखा हुआ है। कभी-कभी शोर मचाने पर बच्चों के मुंह के पास स्टैप्लर ले जाकर उनके होंठ स्टेपल कर देने की धमकी भी देतीं।
उनींदी आंखों वाले, भूखे पेट, शिशुओं को किसी तरह ठेल-ठाल कर, बस न मिस हो जाए - इस भागमभाग में मां-बाप की हर सुबह बीतती है। उनके किसी खासव्यवहार के पीछे क्या कारण होसकता है, इस पर गौर करने की फुर्सत ही नहीं मिलती। सहमे हुए बच्चे अक्सर घर पर भी कुछ नहीं बता पाते हैं और स्कूल जाने का विरोध करने के लिए वे जो कुछ करते हैं, उन्हें हम बहानेबाजी समझते हैं।
मासूम बच्चों के प्रति कुछ अध्यापकों का व्यवहार बाल-मनोविज्ञान के एकदम विपरीत होता है। बच्चों का आत्म-सम्मान कम तीखा नहीं होता। शारीरिक सजा की आज के एजुकेशनसिस्टम में कोई जगह नहीं है। पर दंड देने के दूसरे तरीके कितने अपमानजनक और हीनभावना पैदा करने वाले हैं। कहीं पर होमवर्क न करने पर पूरी क्लासके बीच बच्चे की निकर उतारने की धमकी ही नहीं दी जाती, कपड़ा नीचे कर दिया जाता है। रोज का यह ड्रामा हेडमास्टर तक पहुंचाया जाए तो बच्चे को टी.सी. यानी स्कूल छोड़ने का तोहफा मिल जाता है।
आज स्कूल में सिर पर कूड़ादानरख कर कोने में खड़ा करना आम बात है। बच्चों की बुद्धि, रूप आकार को केंद्र बनाकर गैंडे की खाल, कुत्ते की दुम, डफर और कछुए का खिताब बच्चों की बुद्धि को सचमुच कुंद कर देता है। बड़े होकर वे या तो विदोही बन जाते हैं या अपने में सिमट कर रह जाते हैं।
वयस्क होने पर भी कई बार लोग चूहा, बिल्ली, छिपकली, कॉकरोच आदि को देखते ही चीखने लगते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि ये जीव तो स्वयं मनुष्य से डरते हैं और उनका आकार हमारे आकार से कितना छोटा है।
ऐसे लोगों से बारीकी से पूछा जाए तो इस डर का छोर सुदूर अतीत में बचपन तक जाता है। एक बच्चे के दादा अपनी बात मनवाने के लिए प्राय: उसके मुंह में कॉकरोच डालने के लिए उसके पीछे भागा करते थे। इसी तरह हर भय के पीछे छुटपन की कहानी है। एक महिला अपने ही घर में अपनी अलमारी खोलने से डरती थी। उसका विश्लेषण किया गया तो पता लगा कि बचपन में उसे डराने के लिए अलमारी में कोई भयानक पुतला रखा जाता था।
बच्चों को सुलाने के लिए मांएं अक्सर बंदर, भालू, शेर की आवाजें निकालती हैं। भूत का डर दिखाती हैं। अंधेरे में अकेला छोड़ देने का डर दिखातीहैं। ऐसे बच्चे जिंदगी भर अंधेरे से डरते हैं। भूतों की दुनिया में विश्वास करने लगते हैं। कुछ अध्यापक और मां-बाप बच्चों में हीन भावना पैदा करने के दोषी होते हैं। यदि दो भाई बहन (छोटे-बड़े) एकही स्कूल में पढ़ते हों और संयोग से एक पढ़ाई में तेज हो तो उनके टीचर कमजोर बच्चे को ताना देते हैं, 'तुम बड़े से कुछ सीखो। निकम्मे हो तुम।' घर में भी यही दोहराया जाता है।
ऐसा बच्चा अपने को नाकारा समझने लगता हैं। दूसरे, भाई से नफरत करने लगता है। तीसरे, पढ़ाई से उसका मन हट जाता है।
बी.एड. में बाल मनोविज्ञान पढ़ाया जाता है. कार्यशालाएं करवा कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अध्यापक समुदाय को जागरूक बनाने की जरूरत है।
PR AAJ KAL TO LOG PAISA SE B.ED KI DEGREE KHAREEDTE HAI....

Sunday, July 14, 2013

MPTET : अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी 40 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया



MPTET : अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी 40 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया


भोपाल। प्रदेश में संविदा शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण व भर्ती से वंचित अभ्यार्थियों के लिए खुश खबर यह है कि प्रदेश सरकार सत्र 2013 के अंतर्गत संविदा शिक्षक भर्ती का दूसरा चरण अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में शुरू करने जा रही है।

उक्त विषय पर अध्यापक संयुक्त मोर्चे के संरक्षक मनोज मराठे ने बताया कि अगले चरण में लगभग तीन वर्गो के चालीस हजार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। जिसमें वर्ग तीन के सबसे अधिक 25308 पद भरे जायेंगे। इसी बीच चयनित अभ्यार्थियो में से प्रमाण पत्रों में त्रुटी के कारण रोके गये, अभ्यार्थियों को 15 जूलाई से भर्ती का मौका सरकार ने दिया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 15 जूलाई के अंतर्गत ज्वाईनिंग के दूसरे दौर के बाद बचे हुए पदों की पूर्ती वेटिंग से भर दी जाएगी। इस प्रक्रिया के अगस्त के दूसरें सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है।

श्री मराठे ने बताया कि अगले चरण की भर्ती के समय यदि भारत सरकार से प्रदेश सरकार को (नान डीएड बीएड) वाले अभ्यार्थियों को भरने की अनुमति मिल गई तो उन्हे भी दूसरे चरण की भर्ती में मौका दिया जायेगा परंतु ऐसे अभ्यार्थियों को व्यापम की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

अगले चरण की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की कवायद में जूटे लोक शिक्षण संचालनालय ने खाली पडे पदो पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए विभागीय अनुमति स्कुल शिक्षा विभाग से मांगी है। इस बीच अभी तक जिन लोगों का चयन संविदा शिक्षक भर्ती में विभिन्न पदों पर हुआ है उनकी पद स्थापना और प्रशिक्षण की प्रक्रिया चलती रहेगी। अगले चरण की भर्ती में वर्ग तीन के 25308 पद, वर्ग दो के 9560 पद, व शेष वर्ग एक के पदो की भर्ती होगी


Sunday, July 7, 2013

MPTET : संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मांगा न्याय, दिया ज्ञापन


MPTET : संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मांगा न्याय, दिया ज्ञापन

भोपाल। टीकमगढ़ में आज संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर टीकमगढ़ को सौंपा। अभ्यर्थियों ने अपने इस ज्ञापन में न्याय की मांग की है।

उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात् अभी भी लगभग आधे से ज्यादा पद रिक्त है जिन पर भर्ती की जानी शेष है चूंकि नवीन शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका है और शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है तथा कुछ समय पहले राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस सत्र मे अतिथि शिक्षकों को रखने के आदेश जारी कर दिए है जिससे समस्त पात्र उम्मीदवार जो शिक्षक बनने की आशा लगाए हुए है उनको कही भी आशा की कोई किरण नजर नही आ रही है।

लोक शिक्षण संचालनालय ने अभी तक यह भी स्पष्ट नही किया है कि द्वितीय चरण की भर्ती प्रक्रिया कब से प्रारंभ होगी और उसमें किस-किस को शामिल किया जाएगा। तथा केन्द्र सरकार ने मप्र शासन द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में किनको अनुमति प्रदान की है क्योंकि संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 में प्रशिक्षित डीएड उम्मीदवारों की कमी है।

इस स्थिति में बीएड प्रशिक्षित तथा अप्रशिक्षित उम्मीदवार भर्ती की आस लगाए बैठे हैं। यह कि मप्र शासन ने वर्ष 2008 में भी संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की थी परंतु उस समय भी संपूर्ण पदों पर भर्ती नही की गई थी वर्ष 2008 जैसी स्थिति वर्ष 2011 की पात्रता परीक्षा की तरह न हो जाए उम्मीदवारों को यह डर सताने लगा है। शासन की क्या सोच एवं भर्ती प्रक्रिया की क्या नीति है यह उम्मीदवारों के समझ से परे है




Saturday, July 6, 2013

Infrastructure Facilities in Schools

CTET / NCTE / RTE : Infrastructure Facilities in Schools

Teacher Eligibility Test News  / Information 

Infrastructure Facilities in Schools
As per the District Information System for Education(DISE) 2011-12 (provisional), some States do reflect a gap in school infrastructure as 94.3% government elementary schools have drinking water, 87.9% schools have toilets and 61.7% schools have ramps.7 States / UTs have Pupil Teacher Ratio (PTR) above the National average of 1:31 at primary level and 8 States / UTs are above the national level of 1:29 at upper primary stage.

The Sarva Shiksha Abhiyan (SSA) seeks to augment school infrastructure with the objective of meeting the Right of Children to Free and Compulsory Education (RTE) Act, 2009 requirements, for which so far 3.04 lakh school buildings, 17.92 lakh additional classrooms, 8.53 lakh toilets,2.29 lakh drinking water facilitiesand 5.01 lakh ramps have been sanctioned across the States/Union Territories.

Under the SSA, efforts to improve quality in schools have been undertaken through improved textbooks based on the National Curriculum Framework 2005, the distribution of free textbooks, annual in-service training of all teachers, setting-up of academic supervision and support structures at block and cluster level and the introduction of comprehensive and continuous evaluation.For improving the Pupil-Teacher Ratio (PTR), more than 19 lakh posts of teachers have been sanctioned. Furthermore, under the RTE Act, 2009, the National Council of Teacher Education (NCTE) has notified the minimum qualifications and also made the holding of the Teacher Eligibility Test (TET) mandatory to improve the quality of teachers.

This information was given by the Minister of State for Human Resource Development, Dr. Shashi Tharoor in Lok Sabha today.

Source: http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=90514